Thursday, 2 May 2013


कर्म का फल

 

 

मिलता  हर  इंसान को,

अपने कर्म का फल,किसी,

को जल्दी,किसी को बाद में,

मजा चखाते उसके कर्म ।

 

अच्छे हों या बुरे कर्म,

लौट के आते जरूर हैं,

अच्छे का फल अच्छा होता,

गलत से मिलता कष्ट है ।

 

उपदेश दिया है कृष्ण ने,

गीता का आधार यही,

समय रहते सबक सीख लें,

देर न हो जाए,वरना कहीं ।

 

तीन बंदर का संदेश यही,

बताया है गांधी बाबा ने,

वक्त निकाल थोड़ा सोचो,

कभी मिलेगा कष्ट नहीं ।

 

दुख किसी को दो नहीं,

न करो ढोंग पाखंड ही,

तन मन को निर्मल कर,

सुमिरन करो हरि चरणों की ।

 

कर्म करो ऐसे जीवन में,

प्रभु प्रसन्न हो जायें,गर्व,

करें, अपने  अंश पर,

मुक्त आत्मा तुम्हें बनायें ।

 

 

 

देवत्व के अधिकारी  हो,

प्रभु के सच्चे सपूत हो,

मिला है जिस हेतु जीवन,

उसको तुम सफल करो ।

 

बहुत कष्ट में है डूबी,

अपनी भारत माता,उसके,

बच्चों के कष्ट मिटाकर,

कर दो चिंता मुक्त उसे ।