कर्म का फल
मिलता हर
इंसान को,
अपने कर्म का फल,किसी,
को जल्दी,किसी को बाद में,
मजा चखाते उसके कर्म ।
अच्छे हों या बुरे कर्म,
लौट के आते जरूर हैं,
अच्छे का फल अच्छा होता,
गलत से मिलता कष्ट है ।
उपदेश दिया है कृष्ण ने,
गीता का आधार यही,
समय रहते सबक सीख लें,
देर न हो जाए,वरना कहीं ।
तीन बंदर का संदेश यही,
बताया है गांधी बाबा ने,
वक्त निकाल थोड़ा सोचो,
कभी मिलेगा कष्ट नहीं ।
दुख किसी को दो नहीं,
न करो ढोंग पाखंड ही,
तन मन को निर्मल कर,
सुमिरन करो हरि चरणों की ।
कर्म करो ऐसे जीवन में,
प्रभु प्रसन्न हो जायें,गर्व,
करें, अपने अंश पर,
मुक्त आत्मा तुम्हें बनायें ।
देवत्व के अधिकारी हो,
प्रभु के सच्चे सपूत हो,
मिला है जिस हेतु जीवन,
उसको तुम सफल करो ।
बहुत कष्ट में है डूबी,
अपनी भारत माता,उसके,
बच्चों के कष्ट मिटाकर,
कर दो चिंता मुक्त उसे ।