Friday, 12 April 2013


इंतजार

 

 

व्यथित करता है,अधीर बनाता है,

खुशी के इंतजार में,दुखी करता है,

यही है जीवन और समय का खेल,

दुख सुख के मिलने,बिछुड्ने का खेल ।

 

प्रेम बढ़ाता है, मिठास घोलता है,

अपनों के करीब और ला देता है,

प्रयास की थकावट को बढ़ाता है,

सफलता के बाद नया लक्ष्य देता है।

 

समय को बढ़ाता,घटाता है इंतजार,

प्रेम को असीम बनाता है इंतजार,

कभी-कभी थका डालता है इंतजार,

जीवन की साँस को चलाता है इंतजार ।

 

धैर्य,शक्ति का मित्र है इंतजार,

क्रोध अधीरता का शत्रु है इंतजार,

जीव-जन्तु ,मनुस्य सभी करते हैं इंतजार,

भगवान को भी नहीं छोड़ा इंतजार ।

 

 

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